वेलंटाइन डे स्पेशल : प्यार को खोने का दर्द ने बना दिया माउंटेन मैन,पढ़िए उनकी लव स्टोरी


प्रशांत कुमार


आज चहुँ और वेलंटाइन डे मनाया जा रहा है।हर किसी के दिल मे गुलाब खिल रहा है ।कोई गुलाब के कांटा को नही देख रहे है बल्कि उसके कोमल पंखुड़ी से अपने प्यार का इजहार कर रहे है ।आज इस विशेष दिवस पर वर्षों पहले के एक शख्स को याद नही करना प्यार के नाम पर बैमानी होगी ,वेलंटाइन के नाम पर गद्दारी होगी।




माउंटेन मैन दशरथ मांझी जो कभी अपने प्यार के लिए 25 फ़ीट ऊंचे और 30 फ़ीट चौड़े पहाड़ को काटकर सड़क बना दिया था। हुआ यूं था कि मॉन्टेन मैन दशरथ मांझी की पत्नी एक बार बीमार पड़ी और बाद में देहांत कर गयी जिससे उन्हें बहुत दुःख हुआ और इस पहाड़ को सड़क बनाने का फैसला ले लिया।


दरसअल पूरी बात ये है कि दशरथ मांझी बिहार के गया जिला अंतर्गत आने वाले क्षेत्र गल्होर में मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे ।प्रतिदिन वो उसी लम्बे पहाड़ को पार करके मजदूरी करने जाते थे और उसी रास्ते से आते थे।दिन का खाना उनकी पत्नी फागुनी देवी प्रतिदिन उनको उसकी पत्नी पहुंचाने जाती थी।एक दिन इसी क्रम में उसकी पत्नी इसी पहाड़ से चोटिल हो गयी और स्वर्ग को सिधार गयी ।इस घटना ने दशरथ मांझी को काफी आहत किया और अंदर तक झकझोर कर रख दिया।

दशरथ मांझी ने अपने पत्नी को खोने के बाद एक प्रण लिया कि आगे से कोई अपने प्यार को न खो पाए इस पहाड़ के वजह से इसे खत्म कर सड़क बनाना है। ये काम मामूली नही था बल्कि सूरज धरती की दूरी मापने के बराबर था।उस समय उनके पास उतना आधुनिक समान भी नही था कि वो इसे आराम से काटकर सड़क बना दे।

दशरथ मांझी हिम्मत किये और अपने मिशन में भीड़ गए।उसने लगातार  22 वर्षों तक मात्र एक हथौड़ी और छेनी से विशाल पहाड़ को चीर दिया और सड़क में परिणत कर दिया।इस काम को करते देख लोगों ने मांझी को पागल घोषित कर दिया था।लोग इसे पागल समझ लिए थे चूंकि किन्ही को विश्वास ही नही था कि कोई इस पहाड़ को काट पायेगा और इतने मामूली से हथियार से।

अंततः माउंटेन मैन अपने मिशन में कामयाब हो गए।अपने प्यार या यूं कहें अपने पत्नी को उस पहाड़ को चीर कर श्रद्धांजलि दिया।आज पूरा विश्व उसे सलाम कर रहा है कि एक मामूली सा इंसान ने पहाड़ को काटकर सड़क बना दिया।अभी उनपर एक फ़िल्म भी बनी जो काफी सराही गयी।आज राष्ट्रपति कोविंद जी उनको श्रद्धांजलि देने उनके गांव जा रहे है।उन्होंने ये भी साबित किया कि मुश्किल नही है कुछ भी गर ठान लीजिए....

ऐसे प्यार को सलाम है जिन्होंने अपने प्यार को खोकर कितने का प्यार उजर न जाये उसके लिए काम किया।आज आधुनिकता वाले प्यार के सामने वो मिसाल है कि उनका वेलंटाइन खो कर भी पास है ,मरकर भी अमर है।आज वेलंटाइन डे के दिन ऐसे प्यार करने वाले इंसान को सलाम है ।

हैप्पी वेलंटाइन डे टू यू ऑल.....💐💐💐💐💐💐

Post a Comment

0 Comments